अवसरवादी 'पंडित'.? पुलिस परीक्षा 'प्रश्नपत्र' के बवंडर पर, जमकर बजी उप मुख्यमंत्री की घंटी.!
सनातन व ब्राम्हण के साथ विगत कुछ महीनों से गौमाता के मुद्दे पर मुखर रहे कांग्रेस के वरिष्ट नेता (यूपी कांग्रेस क्वार्डिनेशन सेन्टर के नोडल पर्सन) राजेश दूबे से शनिवार को रहा नहीं गया और उन्होंने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की घंटी बजा दिया. ऊधर मामला भी सोशल मीडिया पर इतना वायरल था कि आनन-फानन में उप मुख्यमंत्री ने पूरे मामले पर जांच का आदेश जारी कर दिया। गौरतलब है कि यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र पर जमकर आपत्ति शनिवार को शुरू हुआ, जिसमें 'पंडित' विकल्प को लेकर सोशल मीडिया पर यूपी सरकार की जोरदार छीछालेदर शुरू है. इस बार मामला किसी पेपर लीक का नहीं, बल्कि प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल के 'विकल्प' (Options) को लेकर है. दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रश्नपत्र की तस्वीर (क्वेश्चन नंबर 3) में एक वाक्यांश के लिए एक शब्द चुनने को कहा गया था. प्रश्न था कि 'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इसके लिए चार विकल्प में क्रमश: पंडित, अवसरवादी, निष्कपट, सदाचारी का समावेश रहा. इस प्रश्न में 'अवसरवादी' के अर्थ के रूप में 'पंडित' शब्द को एक विकल्प के तौर पर रखना विवाद की जड़ बन गया।

डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान - मामला गरमाते ही उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए सरकार का कड़ा रुख स्पष्ट किया। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए, उन पर हमें कड़ी आपत्ति है. सरकार ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है। किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुँचती है, तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। मैं स्पष्ट कहना चाहता हूँ कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों को कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए। इस पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं ।संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है। प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कार्रवाई करे सरकार, अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.. कांग्रेस वरिष्ट नेता यूपी कांग्रेस क्वार्डिनेशन सेन्टर के नोडल पर्सन राजेश दूबे ने कहा कि योगी-मोदी सरकार में नफ़रत का आलम यह है कि सिस्टम में बैठे लोग बार-बार ब्राह्मणों का अपमान कर रहे है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. हम योगी सरकार से मांग करते हैं कि यूपी SI परीक्षा के प्रश्नपत्र में जानबूझ कर सोची समझी चाल के तहत ब्राह्मण समाज को अपमानित करने के दोषी लोगों को चिन्हित कर कार्यवाही करें।