भदोही डीएम के आदेश से ऊधर मचा है हड़कंप, इधर सीडीओ जुटे तैयारी में...

भदोही डीएम के आदेश से ऊधर मचा है हड़कंप, इधर सीडीओ जुटे तैयारी में...

भदोही जनपद में 'स्वच्छ जल' मुहैया करवाने की मुहिम के तहत अधिकांश गाँव में 'हैंडपंप रिबोर' के नाम हुई लूट सुर्खियों में है. भदोही डीएम शैलेश कुमार द्वारा जांच के सख्त आदेश जारी कर दिए गए हैं. इसके बाद सीडीओ के निर्देशानुसार विगत् वर्षों में विभिन्न गाँव हुए "हैंडपंप रिबोर" की लिस्ट बीडीओ से मांगी गई है, ताकि नोडल अधिकारी जांच करके सही रिपोर्ट दे सकें।

क्या है माजरा.? - सुर्खियों में है कि विभिन्न गाँव में 30 से 32 हजार का बिल भजाकर कुछ ग्राम प्रधानों ने ऐसा भी "हैंडपंप रिबोर" करवाकर प्रमाण दिया है कि ग्रामवासी चौंक उठे हैं. कुछ "हैंडपंप रिबोर" के बाद भी पानी ही नहीं दे रहे हैं, वहीं कुछ जमकर "बालू या पीला पानी" फेंक रहे हैं।

ग्राम प्रधानों में हड़कंप - कुछ ग्राम प्रधान पूर्व में खुद कराए गए "हैंडपंप रिबोर" की जांच के बारे में सुनकर अपने ब्लॉक के बीडीओ से जांच अधिकारी कौन आएगा, उसकी जानकारी तलाश रहें हैं, ताकि मैनेज कर लिया जाय और गांव के धरातल की सच्चाई शासन तक ना पहुंचे।

डीएम ने रख दी भ्रष्टाचार के नब्ज पर हाथ, दे रहे हैं मानवता का साथ -

भदोही जनपद के अधिकांश ग्रामवासी खुश हैं और कहते हैं कि कि "डीएम साहब डाईरेक्ट टीम भेजकर जांच करवा रहें हैं. यदि सीडीओ व बीडीओ भी राजनेताओं के दबाव में आकर नरमरूखी ना दिखाएं, तो प्रत्यक्ष प्रमाण अधिकांश गाँव में मिल जाएगा कि 20 हजार में गारंटी के साथ "हैंडपंप रिबोर" से स्वच्छ जल देने का खुला बाजार बताने वाले फर्म से ही, 30 से 32 हजार का बिल 'ग्राम पंचायत' द्वारा भुगतान तो किया गया. फिर भी 'स्वच्छ जल' हैडपंप नहीं दे रहे हैं. सबसे ज्यादा दयनीय स्थिति उन गांवों की है, जिस गाँव के 'प्रधान प्रतिनिधि' बनकर गैर संवैधानिक ढ़ंग से विकास कार्य 'प्रधानपुत्र' या 'प्रधानपति' देख रहे हैं।

दूसरी तरफ (मुख्य विकास अधिकारी, भदोही) द्वारा
आगामी ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए कार्यालय कक्ष में जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) सहित संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की समीक्षा की गई।
बैठक में निर्देशित किया गया कि जनपद के सभी हैंडपंपों को क्रियाशील रखा जाय तथा संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों में अग्रिम व्यवस्था की जाए। साथ ही सभी गौशालाओं में पशुओं के लिए रनिंग वाटर सप्लाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता एवं जल उपलब्धता की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। जनपद में गर्मी के मौसम में पेयजल की उपलब्धता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को क्षेत्रीय स्तर पर नियमित निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने हेतु निर्देशित किया गया।