सीतामढ़ी का प्रसिद्ध मेला आज से प्रारम्भ

 

 

 

भदोही जिला में कोइरौनासीतामढ़ीकाशी-प्रयाग के मध्यांतर में स्थित सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी में लवकुश मेला को लेकर शुक्रवार को तैयारी पूरी कर ली गई।

14जुलाई दिनशनिवार को सुबह ऐतिहासिक व विशाल अखिल भारतीय रामायण मेले का शुभारंभ हो जाएगा। मेला समिति के सचिव मुन्ना पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्वप्रथम गंगा पूजन मां जानकी पूजन के उपरांत सीतामढ़ी स्थित लवकुश इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रांगण में मुख्य अतिथि विधायक विजय मिश्र के दीप प्रज्वलन के साथ नौ दिवसीय मेले का आगाज हो जाएगा। महर्षि बाल्मीकि आश्रम व उड़िया बाबा आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा श्रीराम कथा सत्संग व भक्तिमय भजनों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहेगा। प्रथम दिन पं. कमलापति महाराज व पं. मनोज शास्त्री श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराएंगे। नौ दिनी मेले में विभिन्न तरह की दुकानें और झूला लोगों के लिए आकर्षण व मनोरंजन का केन्द्र होंगे। वाल्मीकि आश्रम को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। वहीं सुरक्षा को लेकर भी चौकसी बरती जा रही है। सादे वर्दी में पुलिस को तैनात कर दिया गया है तो शोहदों पर भी पुलिस पैनी नजर रखेगी। राष्ट्रीय रामायण मेला के नौवें दिन लवकुश जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा तथा ऐतिहासिक व विशाल मेला भी आयोजित होगा। पौराणिक मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वैदेही का परित्याग कर दिया था। इस दौरान माता सीता बाल्मिकी आश्रम में ही आकर रहने लगी थी। इसी दौरान उनके दो पुत्र लव और कुश पैदा हुए थे। इसी परंपरा के तहत सीतामढ़ी में प्रत्येक वर्ष नौ दिन तक रामायण मेला का आयोजन किया जाता है। लवकुश जन्मोत्सव में पूर्वाचल ही नहीं अन्य प्रांतों के लोग भी दर्शन-पूजन करने के लिए आते हैं। मेला क्षेत्र में झूला आदि सज गए हैं। गंगा घाटों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मां-सीता मंदिर की सजावट से ऐसा लग रहा है मानो तारे जमीं पर उतर आए हों। जिलाधिकारी के निर्देश पर साफ-सफाई और प्रकाश आदि की व्यवस्था की जा रही है।

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