राहुल गांधी 2014 की रणनीति से नहीं जीत सकते 2019 का चुनाव

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में 2019 में लोकसभा का चुनाव होगा जिसे लेकर सभी राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय राजनैतिक दल अपने-अपने हिसाब से जोड़-तोड़ करनें में लग गयीं है सभी अपने-अपने क्षेत्रों में वोट बैंक को साधने के लिए उनके-उनके मुद्दे को उछाल रहे है कांग्रेस इसमें बढ़-चढ़कर आगे है भाजपा भी कम नहीं है 2014 में जब कांग्रेस की करारी शिकस्त हुयी थी तो इसके कारण को जानने के लिए ए.के. अंटनी का गठन हुआ अंटनी कमेटी ने रिपोर्ट दिया कि कांग्रेस की हार इसलिए हुयी कि क्योंकि भाजपा कांग्रेस को मुस्लिम पार्टी साबित करने में सफल हो गयी और कांग्रेस को एन्टी हिन्दू माना जाने लगा इस रिपोर्ट का असर पहली बार गुजरात चुनाव में दिखा जब राहुल गांधी मन्दिर-मन्दिर फेरा लगाने लगे और जनेऊ पहनकर सनातन हिन्दू साबित करने लगे इस काम में देश के सभी बड़े कांगे्रसी नेता लग गये और राहुल गांधी को कट्टर ब्रह्मण साबित करने लगे किन्तु अच्छे प्रदर्शन के बावजूद कांग्रेस की हार हुयी भाजपा एक बार फिर गुजरात के सिंहासन पर काबिज हुयी। अब जब 2019 का चुनाव सामने है कई क्षेत्रीय दल कांग्रेस के साथ आने से हिचकिचा रहे है तो वहीं राहुल गांधी कैलाश, मानसरोवर यात्रा से लौटकर कट्टर हिन्दूत्व की छवि बनाने में लग गये हैं यद्यपि धर्म व्यक्तिगत आस्था का विषय है इस पर कोई टिप्पणी नहीं है किन्तु कांग्रेस एक बड़ी चूक कर रही है जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर व्यक्तिगत अटैक शुरू कर दिया और अपशब्दों का प्रयोग हो रहा है कांग्रेस को ध्यान होना चाहिए 2014 में यह गलती सभी गैर भाजपाईयों ने किया था और मोदी को व्यक्तिगत रूप से घेरने का प्रयास किया इसका परिणाम यह हुआ कि भारतीय जनमानस की सहानुभूति नरेन्द्र मोदी के साथ हो गयी अब जब इस राह से बचने की आवश्यकता है तो सरकार की नाकामी, महंगाई आदि मुद्दों की बजाय नरेन्द्र मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी की जा रही है जिसका संभावित असर यह हो सकता है कि जनमानस की सहानुभूति पुनः भाजपा के साथ हो जाये आप को याद दिलाऊं कि दिल्ली में जब आम आदमी पार्टी और भाजपा आमने-सामने थी तो जिस प्रकार से अरविन्द केजरीवाल पर भाजपा ने व्यक्तिगत टिप्पणी करना प्रारम्भ किया उसका परिणाम हुआ कि दिल्ली राज्य की जनता अरविन्द केजरीवाल से सहानुभूति रखते हुये सिंहासन सौंप दिया। कांग्रेस को इस आत्मघाती हमले से बचना चाहिए और 2019 के चुनाव में यदि भाजपा को शिकस्त देनी है तो नरेन्द्र मोदी पर व्यक्तिगत अटैक करने से बचना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Follow by Email
Facebook
Facebook
YouTube
INSTAGRAM