पंचतत्व में विलीन हो गए काशी धर्म पीठ के प्रवक्ता संकरी जी महाराज

साहित्यिक चेतना के सुमेरु महामनीषी पण्डित एवं ‘मेवाड़ केशरी’, ‘भरतकाव्य’, ‘श्रीकृष्णकाव्य’, भृगुराजविजय, तुलसीकाव्य, ‘आचार्य शंकर काव्य’ प्रभृति महाकाव्यों के यशस्वी महाकवि आचार्य…
पण्डित उमाशंकर मिश्र ‘रसेन्दु’ शांकरी जी (पूर्व प्रधानाचार्य) का यशकाया आज भोर 3 बजे पंचतत्व में विलीन हो गयी।
उनका काव्यामृत समाज और शिक्षा को नई चेतना और दिशा देता रहेगा । इहलोक मे उनका यश-कीर्ति परलोक मे भी प्रकाशित हो ।
पारलौकिक महाप्रयाण मे दिव्य आत्मा को शांति और सद्गति प्राप्त हो और दुःख इस क्षण में परिवार को सहनशक्ति व संबल मिले ।

 

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